बिहारशरीफ, अक्टूबर 24 -- 2551 वर्षों से आस्था का केंद्र है पावापुरी का जल मंदिर तालाब घाट महापर्व छठ के मौके पर सूर्यदेव को अर्घ्य देने उमड़ती है श्रद्धा की लहर सूर्योपासना और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है प्राचीन तालाब फोटो पावापुरी घाट : पावापुरी का जल मंदिर छठ घाट। पावापुरी, निज संवाददाता। 2551 वर्षों से अपनी दिव्यता और पौराणिकता को समेटे पावापुरी जल मंदिर घाट का प्राचीन तालाब आज भी सूर्योपासना और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक बना हुआ है। जैन और हिन्दू संस्कृति के संगम स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह घाट न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से पूजनीय है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य हिस्सा भी है। हर वर्ष छठ महापर्व पर हजारों श्रद्धालु यहां एकत्र होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह स्थल अब भी उस आदिम परंपरा का जीवंत साक्षी ह...
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