लखीमपुरखीरी, फरवरी 6 -- परिषदीय स्कूलों की रंगाई-पुताई, मरम्मत आदि के लिए कम्पोजिट ग्रांट स्कूलों के एसएमसी खातों में भेजी गई। दो महीना हो गए जिले के 250 से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने यह धनराशि खाते से निकाली ही नहीं है, जबकि विभाग ने स्कूलों से उपभोग प्रमाणपत्र मांगा है। समीक्षा में जब पता चला कि 250 से ज्यादा स्कूलों ने खाते से धनराशि ही नहीं निकाली है तो बीएसए ने नाराजगी जताई। सभी बीईओ को निर्देश दिया है कि कम्पोजिट ग्रांट का उपयोग स्कूलों में कराकर उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं। परिषदीय स्कूलों में बच्चों के नामांकन संख्या के अनुसार कंपोजिट ग्रांट दी जाती है। स्कूलों को छात्र नामांकन संख्या के अनुसार 25 से 75 हजार रुपए तक की धनराशि दी जाती है। यह धनराशि स्कूलों के एसएमएसी खातों में भेजी जाती है। यह धनराशि किन मदों पर खर्च करनी है ...