लखनऊ, फरवरी 21 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के 23 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से पहले 212 करोड़ रुपये का राजस्व आता था, लेकिन इसके लगने के बाद 278 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने लगा है। यह तब है जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिजली बिल में दो प्रतिशत रियायत का नियम लागू है। राजस्व में इजाफे पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटर तेज चलने और बिली खर्च बढ़ने का सवाल उठाया है। गौतलब है कि इजाफा थोड़ा नहीं बल्कि 31 फीसदी से ज्यादा है। प्रदेश भर में सभी बिजली कंपनियों में कुल 72 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इसमें से लगभग 63 लाख 63 हजार 744 उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं। बीते दिनों पावर कॉरपोरेशन ने मीटर लगाने का खर्च उपभोक्तओं से प्रीपेड मीटर क...