हल्द्वानी, सितम्बर 2 -- मोहन भट्ट हल्द्वानी। उत्तराखंड के सबसे पुराने राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना से अब तक 13 प्राचार्य बनाए गए। हैरानी की बात यह है कि करीब 22 साल बाद नियमित प्राचार्य के रूप में डॉ. अरुण जोशी की तैनाती पहली बार हुई। हालांकि 15 दिन बाद ही वे सेवानिवृत्त हो गए हैं। अब नए प्रभारी प्राचार्य को चार्ज मिला है। इसके बाद एक बार फिर से नियमित प्राचार्य का संकट शुरू हो गया है। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पहले कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. वीएस सिंह 17 जनवरी 2003 को बनाए गए। तब कॉलेज ट्रस्ट के अधीन था। कॉलेज के ट्रस्ट के अधीन रहने तक प्रो. सिंह के बाद 7 और प्राचार्य बनाए गए, लेकिन वे सभी भी प्रभारी थे। 2010 में कॉलेज का राजकीयकरण कर दिया गया। तब प्रो. एनएस ज्याला प्राचार्य थे। वे 2012 में सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद प्रो. आरसी पुरोहित...
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