प्रयागराज, जनवरी 28 -- माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-6 में आयोजित पंच दिवसीय विहंगम योग समारोह और 2100 कुंडीय विश्व-शांति वैदिक महायज्ञ का समापन हुआ। संत प्रवर विज्ञान देव ने कहा कि यज्ञ का मूल भाव त्याग है। उन्होंने यज्ञ को ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बताया। वहीं, सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव ने कहा कि जड़ता और आडम्बर से ऊपर उठकर चेतन भक्ति ही आत्मोद्धार का मार्ग है। आयोजन के दौरान चिकित्सा शिविरों और नेत्र परीक्षण के माध्यम से सैकड़ों लोगों को निःशुल्क सेवा दी गई।

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