बगहा, जनवरी 20 -- बगहा, हमारे संवाददाता। वर्ष 2004 के बहुचर्चित विजय हत्या कांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मश्रि की अदालत ने 21 साल बाद अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने गोवर्धना थाना कांड संख्या 23/2004 में नामजद दोनों आरोपियों सचिन राव और बली यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 एवं 27 आर्म्स एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की कमजोरियों और साक्ष्यों के अभाव को आधार बनाते हुए आरोपियों को संदेह का लाभ दिया। अपर लोक अभियोजक मन्नु राव ने बताया कि मामला 25 अगस्त 2004 का है। अभियोजन के अनुसार उस दिन विजय प्रकाश पुरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना को लेकर प्राथमिकी उसी दिन दर्ज की गई थी। अनुसंधान के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की और मामला सत्र न्यायालय में विचारण के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.