लखनऊ, मई 7 -- तपोभूमि गुरुकुल वैदिक संस्कृत महाविद्यालय में बुधवार को विधि विधान के साथ सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार हुआ। 21 बटुको ने यज्ञोपवीत धारण की। वहीं शाम को संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया है। कानपुर रोड, बंथरा, पहाड़पुर गांव स्थित महाविद्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुकुल के संस्थापक व संचालक स्वामी देवेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज, समाजसेवी सुधीर एस हलवासिया व उद्योगपति राजेन्द्र अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आचार्य अजय याग्निक द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ सुन कर लोग भक्तिरस में डूब कर झूम उठे। आचार्य ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि बिना किसी आस के हमे सुंदरकांड का गायन करना चहिए। आचार्य ने कहा धर्म की ध्वजा जिसके हाथ में है वह हनुमान बन जाता है। हनुमान जी का एक आभूषण यज्ञोपवीत है। जीवन में विनम्र बनना...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.