नई दिल्ली, फरवरी 12 -- साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास रहने वाला है। इस साल आसमान में कुल चार बड़े ग्रहण देखने को मिलेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। ये घटनाएं वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह प्राकृतिक और खगोलीय प्रक्रिया मानी जाती हैं। जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आते हैं, तभी ग्रहण लगता है। इसलिए विज्ञान इसे अंतरिक्ष में होने वाली सामान्य गतिविधि के रूप में देखता है। लेकिन भारत में ग्रहण को सिर्फ वैज्ञानिक नजर से नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी जोड़ा जाता है। सदियों से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का समय आध्यात्मिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि जैसे ही ग्रहण की तारीख सामने आती है, लोग पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं और पंचांग देखकर समय नोट करते हैं। ग्रहण के...
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