नई दिल्ली, फरवरी 5 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने पारदर्शिता के मुद्दे पर MCD को कड़ी फटकार लगाई है। मामला सूचना का अधिकार (RTI) कानून के पालन न करने से जुड़ा है। कोर्ट ने हैरानी जताई कि पिछले 20 सालों से एमसीडी ने अपनी वेबसाइट पर जरूरी पब्लिक डॉक्यूमेंट्स अपडेट ही नहीं किए हैं।क्या है पूरा मामला? बुधवार को चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने एमसीडी से कड़े सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि आरटीआई एक्ट 2005 में लागू हुआ था, लेकिन दो दशक बीत जाने के बाद भी एमसीडी ने पारदर्शिता के नियमों का पालन नहीं किया। एमसीडी ने अपनी वेबसाइट पर सदन के फैसलों, प्रस्तावों और कमेटियों की रिपोर्ट जैसी जानकारियां अपलोड नहीं की हैं।कोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'दलील नहीं चलेगी' अदालत ने एमसीडी के वकील से पूछा, 'आप 20 साल से क्या कर रहे थे? कानून 2005 में पा...