नई दिल्ली, जून 27 -- मुंबई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को पुलिस को 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के एक गवाह और उसके परिजनों को चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया। उस साल 12 मार्च को मुंबई में अलग-अलग जगहों पर बारह बम धमाके हुए थे, जिसमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। कुल 123 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 100 को दोषी ठहराया गया था। कई भगोड़े बाद में पकड़े गए और उनका मुकदमा अलग से चलाया जाना है। आतंकवादी और विध्वंसकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के विशेष जज वी. डी. केदार ने कहा कि गवाह पहले ही कड़ी सुरक्षा के बीच दो बार अदालत के सामने गवाही दे चुका है और मुकदमे के तीसरे चरण के दौरान उसकी निरंतर सुरक्षा जरूरी थी। गवाह ने दावा किया कि मुकदमे के तीसरे चरण में गवाही के लिए बुलाया जा रहा है लेकि...
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