साहिबगंज, सितम्बर 26 -- बोरियो। बोरियो बाजार के पुराना दुर्गा मंदिर में अंग्रेजों के जमाने से 1832 ई. से दुर्गा पूजा हो रही है। कहा जाता है। मोयरा मोदक समाज के मधुसुदन दत्ता ने सबसे पहले मां दुर्गा की पूजा शुरू करवाई। पुराना दुर्गा मंदिर परिसर में कोई मंदिर नहीं था। एक खुला मैदान था। मधुसुदन रक्षित ने 1832 में दुर्गा मां के कलेंडर रखकर झोपड़ी के भीतर पेट्रोमैक्स जलाकर खुद पूजा शुरू की। बाद में मधुसुदन दत्ता ने मंदिर की जमीन दान में दिया। मोयरा मोदक समाज के लोगों की मदद से मंदिर बनवाया गया। मंदिर के नाम पर वभनगांवा में छ्व बीघा पोखर का जमीन दान में मिला। लेकिन उक्त जमीन में गोतियारा विवाद के कारण मंदिर निर्माण में बाधा आयी। विवाद के कारण मंदिर का जीर्णोद्धार में बाधा आई। फिर भी मधुसुदन रक्षित के वंशजों ने बरहेट में अपनी जमीन बेचकर मंदिर का ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.