बाराबंकी, नवम्बर 16 -- बाराबंकी। सिद्धौर के रसूलगांव में नकली खाद के मामले में हुई कार्रवाई जिले में कोई पहला मामला नहीं है। सबसे पहले ऐसा मामला 18 साल पहले वर्ष 2007 में प्रकाश में आया था। तक से अब तक करीब एक दर्जन नामी गिरामी खाद कारोबारियों द्वारा नकली खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हो चुका है। इसमें से एक मामले में एसटीएफ की टीम ने रौजागांव में संचालित नकली खाद मैनुफैक्चरिंग की एक फैक्ट्री पर छापा मारा था, फैक्ट्री मालिक बाराबंकी जिले का था। उसके बाद उसने शहर में ही ठिकाना बनाया। लाइट टेंट कारोबार की आड़ में नकली खाद का कारोबार बढ़ा दिया। भाकियू ने वर्ष 2007 में कुरौली के पास इफको गोदाम में नकली खाद की री-पैकिंग की सूचना तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी को दी थी। अफसर जागे और गोदाम सील कर दिया। लेकिन रातो रात गोदाम के पीछे की दीवाल तोड़कर मा...