नई दिल्ली, मार्च 13 -- भारत की आजादी की लड़ाई में कई क्रांतिकारियों ने अपनी जान की बाजी लगाई, लेकिन शहीद उधम सिंह की कहानी सबसे अलग है। जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए उन्होंने आज ही के दिन 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ ड्वाएर को मौत के घाट उतार दिया। लेकिन इस ऐतिहासिक पल के पीछे एक लंबी और खुफिया यात्रा छिपी थी। उधम सिंह ने 18 देशों की यात्राएं कीं, ब्रिटेन में फिल्मों में छोटे-मोटे रोल निभाए, कई नाम बदले और आखिरकार अपने मिशन में सफल हुए। 1919 में जलियांवाला बाग में जनरल डायर के आदेश पर हुई निर्मम गोलीबारी ने उधम सिंह के भीतर बदले की आग जला दी। माता-पिता को बचपन में ही खो चुके उधम सिंह का जीवन संघर्षों से भरा था। अनाथालय में पले-बढ़े इस वीर ने भारत छोड़कर विदेशों की ओर रुख कि...
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