आगरा, दिसम्बर 1 -- संयमित जीवन के साथ मेहनत और कर्मप्रधानता का ज्ञान देने वाली श्रीमद्भगवत गीता का उपदेश मार्गशीर्ष माह की एकादशी के दिन ही लगभग पांच हजार वर्ष पहले श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिया था। इसीलिए शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष माह की एकादशी को मोक्षदा एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि मोक्षता एकादशी के दिन ही मोक्षप्रदायी गीता का अवतरण हुआ। यह जानकारी कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ (इस्कॉन) मंदिर के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने देते हुए बताया हरे राम-हरे कृष्णा संकीर्तन के साथ भव्य फूल बंगला सजाया गया। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व बलभद्र को लाल रंग की पोशाक से श्रंगारित किया गया। संध्या काल में गीता के 18 अध्यायों के श्लोक का संस्कृत में पाठ किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ भाग लिया। श्रद्धालुओं द्वारा श्रीमद्भगवत गीता का दान भी किया गय...
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