मुजफ्फर नगर, जुलाई 18 -- औद्योगिक ईकाइयां से मुजफ्फरनगर की आबोहवा ही नहीं पानी भी जहरीला हो रहा है, जिसका प्रभाव हिंडन और काली नदी पर भी पड़ता है। पेपर मिलों से निकलने वाले डिस्चार्ज से जल प्रदूषण नियंत्रण को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 16 पेपर मिलों की जांच की, जिसमें उनका ईटीपी प्लांट देखने के साथ पानी के नमूने जब्त किए हैं, जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। मुजफ्फरनगर में 28 पेपर मिलों को संचालन हो रहा है। इन पेपर मिलों में सबसे अधिक क्राफ्ट पेपर का निर्माण होता है। पेपर निर्माण में अपशिष्ट सामानों के साथ कैमिकल आदि का प्रयोग भी होता है, जिसमें बड़ी मात्रा में पेपर का भी प्रयोग होता है। ऐसे में पेपर मिलों का जहरीला पानी नदी-नालों तक भी पहुंचता है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी इस जहरीले पानी पर भी नियंत्रण करना है। पि...
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