लातेहार, जनवरी 16 -- महुआडांड़, प्रतिनिधि। प्रखंड के चैनपुर गांव में बन रहा पावर सब-स्टेशन अब सरकारी उदासीनता और संवेदक की लापरवाही की पहचान बन चुका है। झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड की देखरेख में, वर्ल्ड बैंक की सहायता से शुरू हुई लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे यह परियोजना 8 साल बाद भी अधूरी पड़ी है। 2020 की समय-सीमा, 2026 में भी अधूरा, पावर सब-स्टेशन का टेंडर वर्ष 2018 में निकाला गया था। कार्य की जिम्मेदारी बिहार के संवेदक कृष्णानंदन कुमार को सौंपी गई थी, जिसे 2020 तक पूरा होना था। लेकिन डेडलाइन खत्म हुए छह साल बीत चुके हैं और आज भी यह परियोजना अधर में लटकी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से गंभीर समझौता किया जा रहा है। मौजूदा पीसीसी सड़क निर्माण में अनियमितताएं साफ नजर आ ...