संवाददाता, अगस्त 4 -- यूपी के झांसी में डेढ़ सौ रुपए की घड़ी चोरी का मुकदमा 49 साल तक चला। टहरौली स्थित सहकारी समिति में हुई इस चोरी और गबन के मामले में जुर्म कबूल कर लेने पर कोर्ट ने 49 साल बाद अभियुक्त कन्हैया लाल को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे जेल में बिताई अवधि समेत 2000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। अभियुक्त ने सुनवाई के दौरान कहा जज साहब वह बहुत वृद्ध व बीमार है। तारीख पर आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। अपना जुर्म कबूल करता है। टहरौली थाना क्षेत्र के बमनुआ गांव स्थित एलएसएस सहाकारी समिति में एमपी के ग्वालियर निवासी कन्हैयालाल पुत्र गजाधर चपरासी के पद पर था। उसके साथ लक्ष्मी प्रसाद व रघुनाथ कर्मचारी थे। साल 1976 में तत्कालीन सचिव बिहारीलाल गौतम ने टहरौली थाने में तीनों के खिलाफ रसीद बुक और 150 रुपए कीमत की घड़ी चोरी की शिकायत की थी।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.