लखनऊ, मार्च 10 -- उप्र फार्मेसी काउंसिल बेरोजगार फार्मासिस्टों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। पंजीकरण व रिनुअल के नाम पर बेरोजगारों को दौड़ाया जा रहा है। हालात यह हैं कि आवेदन के पांच से छह माह बाद भी कांउसिल में फार्मासिस्टों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। नतीजतन प्रशिक्षित फार्मासिस्ट न तो मेडिकल स्टोर खोल पा रहे हैं न ही सरकारी मेडिकल संस्थानों में आवेदन। सरकारी नौकरी के लिए नहीं कर पा रहे आवेदन राजधानी में लेखराज भवन में उप्र फार्मेसी काउंसिल का कार्यालय है। इसमें प्रदेश भर के डिप्लोमा व डिग्रीधारी फार्मासिस्टों का पंजीकरण होता है। बिना पंजीकरण फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर नहीं खोल सकते हैं। सरकारी व प्राइवेट संस्थानों की भर्ती में आवेदन भी नहीं कर सकते हैं। जबकि प्रदेश के कई मेडिकल संस्थानों में फार्मासिस्टों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए ...