सहरसा, फरवरी 12 -- सहरसा। हिन्दु पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा करने के लिए महाशिवरात्रि का दिन सर्वोपरि माना जाता है। पंडित तरुण झा ने बतलाया है की इस साल महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी दिन रविवार को पड़ रहा है। यह त्योहार सर्दियों के अंत का भी प्रतीक है और माना जाता है कि यह शिव और शक्ति के अभिसरण का भी दिन है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि महाशिवरात्रि को देवों के देव महादेव और जगत जननी माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य बताते है की मिथिला में विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार, संध्या 07.09 के बाद शिव का पूजन-अर्चन श्रृंगार आदि प्रारम्भ कर ले, तो बेहतर होगा। तत्पश्चात गौरी शंकर विवाह उत्सव मनाया जाना चाहिये। शिवरात्रि को जन्म जन्मांतर तक भ्रमित जीव मात्र को शिव आराधना-पूजा से भय एवं शोक से...
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