उन्नाव, जनवरी 12 -- बांगरमऊ। कस्बा ऊगू निवासी आचार्य के अनुसार भारतीय संस्कृति का परंपरागत मकर संक्रांति पर्व माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी बुधवार को रात 9.19 मिनट पर उत्तराषाढ़ नक्षत्र 2 चरण में प्रवेश कर रहे हैं। अत: मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी गुरुवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक माना जाएगा और इसी के साथ खरमास समाप्त हो जाएगा। आचार्य ऋषि कांत मिश्र शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व का यह शाश्वत नियम है कि प्रदोष के बाद रात में किसी भी समय लगती है तो उसका पुण्य काल दूसरे दिन ही प्राप्त होता है। इसीलिए पर्व 15 जनवरी गुरुवार को मनाया जाएगा। शास्त्रीय मान्यता अनुसार यह पर्व स्नान, दान व जप करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं शुभ माना जाता है। साथ ही मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, नदी, तीर्थ ए...