बांका, फरवरी 9 -- बांका, निज प्रतिनिधि। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाने वाला महाशिवरात्रि पर्व इस वर्ष अत्यंत शुभ और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान के साथ मनेगा। इस दिन अमृत योग, शुक्रादित्य योग और श्रवण नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुणा बढ गया है। पंडित सीता रमण झा ने बताया कि चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी की शाम 3 बजकर 54 मिनट से होगा। जबकि समापन 16 फरवरी की शाम 4 बजकर 25 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को ही रखा जाएगा। व्रत का पारण 16 फरवरी को होगा। महाशिवरात्रि के दिन शाम 3.54 बजे से रात 12.12 बजे तक लगभग 8 घंटे का विशेष पूजन मु...
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