सीतामढ़ी, मई 19 -- सीतामढ़ी। जिले के पुपरी प्रखंड का एक छोटा-सा गांव जलालपुर बेंगरी टोल इन दिनों चर्चा का विषय है। यहां रहने वाले किसान पप्पू ठाकुर और सरोज ठाकुर ने ऐसा काम कर दिखाया है, जो आज भी कई ग्रामीण परिवारों के लिए एक सपना है। बीते 14 वर्षों से इनके परिवार ने एक भी रसोई गैस सिलेंडर नहीं खरीदा, बावजूद दिन इनके घर का चूल्हा जलता है, वह भी गैस चूल्हा। इस 'चमत्कार के पीछे है इनका घरेलू बायोगैस प्लांट, जो पूरी तरह गोबर से संचालित होता है। इनके पास 6 से 7 मवेशी हैं, इनसे रोजाना करीब 120 किलो गोबर प्राप्त होता है। इस गोबर को पानी मिलाकर प्लांट में डाला जाता है, जिससे बनने वाली गैस से 8 से 10 घंटे तक चूल्हा जलता है और 16 लोगों का खाना प्रत्येक दिन तैयार होता है। गोबर से मिल रही गैस से न केवल परिवार के सदस्यों का रोज का भोजन बनता है, बल्कि...
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