अलीगढ़, दिसम्बर 12 -- अलीगढ़, संवाददाता। वैदिक पंचांग के अनुसार मांगलिक कार्यों की योजना बनाते समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस वर्ष धनु संक्रांति के साथ शुक्र ग्रह के अस्त होने का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने कहा कि शुक्र ग्रह सौंदर्य, विवाह, समृद्धि और शुभाचार के कारक हैं। इनके अस्त काल में विवाह, गृह प्रवेश, लग्न, शुभ समारोह और नए आरंभ को शास्त्रीय रूप से स्थगित रखना ही कल्याणकारी माना गया है। कहा कि शुक्र 14 दिसंबर से अस्त हो चुके हैं और अब 31 जनवरी 2026 को पुनः उदय होंगे। बताया कि 16 दिसंबर को सुबह 4:26 बजे सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस प्रवेश के साथ खरमास की अवधि शुरू होगी, जो 14 जन...