बलिया, अगस्त 28 -- नवानगर, हिन्दुस्तान संवाद। सरयू नदी का जलस्तर भले ही धीरे-धीरे घट रहा हो लेकिन कटान नहीं थमा है। नदी की धार किनारे से टकराकर लगातार उपजाऊ भूमि को निगल रही है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी उम्मीद 14 करोड़ की लागत से बना ठोकर भी इस आपदा को रोकने में असफल साबित हो रहा है। बिजलीपुर, पुरुषोत्तम पट्टी, खरीद और जिन्दापुर गांवों में कटान ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। अब तक दर्जनों किसानों की कई बीघा उपजाऊ ज़मीन नदी में समा चुकी है। खरीफ की फसलें पूरी तरह उजड़ चुकी हैं। गांव के किसान रामलाल यादव ने कहा कि हमने सोचा था कि ठोकर से गांव बच जाएगा, लेकिन अब तो खेत ही नहीं, घर और मवेशी भी खतरे में हैं। सरकार ने पैसा तो खर्च किया लेकिन परिणाम शून्य है। ग्रामीण अपने स्तर से मिट्टी-बालू डालकर कटान रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि नदी की तेज ...