बरेली, फरवरी 19 -- बरेली। जंक्शन पर इलेक्ट्रिक विभाग के स्टोर से गायब 1200 से अधिक बैटरी मामले में अब तक रेलवे अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है क्योंकि इस मामले में विभाग के ही 8-10 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, इसमें एक अधिकारी भी शामिल है, जो लाखों रुपये की स्क्रैप बैटरी मामले को दबाए बैठे थे। हालांकि मामला मंडल कार्यालय तक पहुंचने पर जांच शुरू हो गई है। रेल सूत्रों का कहना है कि कोच में चार-चार बैटरी होती हैं, जिससे ट्रेन रुकने पर कोच की पावर सप्लाई बाधित न हो। जब कोचों का मेंटिनेंस होता है तो खराब बैटरियां बदली जाती हैं। खराब बैटरी स्टोर में रख दी जाती है। बरेली जंक्शन के इलेक्ट्रिक विभाग (ट्रेन एंड लाइटिंग) के स्टोर रूम में ऐसी ही 1200 से अधिक बैटरी रखी थीं, जो धीरे-धीरे गायब हो गईं। इन बैटरियों की नील...