हापुड़, फरवरी 5 -- बिजली विभाग हापुड़ में वर्ष-2004 से 2008 के बीच किसानों के जमा निजी नलकूप बिलों में 225 करोड़ का घोटाला किया गया था, इस घोटाले में विभाग के तीन तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट आ गई थी। वहीं नौ अभियुक्तों ने आर्थिक अनुसंधान मेरठ (ईओडब्लू) मेरठ को जांच ट्रांसर्फर करा ली थी। ईओडब्लू मेरठ ने अपनी अंतिम रिपोर्ट लगाकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हापुड़ के न्यायालय में पेश कर दी। इसके विरूद्ध वादी मुकदमा केके अग्रवाल ने न्यायालय में अपनी आपत्ति दाखिल की, जिससे न्यायालय ने संतुष्ट होकर 2 फरवरी 2026 को अग्रिम विवेचना किए जाने के आदेश किए हैं। विद्युत वितरण खंड हापुड़ में किसानों के निजी नलकूप के जमा बिलों में वर्ष-2004 से 2008 के बीच बिजली विभाग के अधिकारियों ने साठ-गांठ कर घोटाला कर लिया था। उस समय यह घोटाला करीब 225 करोड़ का बता...
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