लखनऊ, फरवरी 2 -- बलरामपुर अस्पताल की शुरुआत डिस्पेंसरी से हुई थी। 1869 में खुली रेजिडेंसी हिल डिस्पेंसरी में 12 बेड थे। डिस्पेंसरी में सिर्फ फिरंगी और सैनिकों का इलाज होता था। धीरे-धीरे ब्रिटिश डॉक्टर यहां आम जनता का भी इलाज करने लगे। वर्ष 1902 में राजा बलरामपुर ने जब इसका विस्तार किया तो यहां उन्होंने 36 बेड लगवाए। मरीजों के इलाज के लिए उपकरण भी खरीदे गए। इसके बाद बलरामपुर अस्पताल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मौजूदा समय में अस्पताल में 776 बेड हैं। लगभग 33 विभागों का संचालन हो रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की नींव 155 साल पहले अंग्रेजों ने रखी थी। जनवरी-1860 में 27 साल की उम्र में ब्रिटिश सर्जन फ्रेड्रिक ऑगस्टस की मौत हो गई। गोलागंज में उनका मकबरा बना। फिर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए अंग्रेजों ने साल...