करियर काउंसलर, अक्टूबर 16 -- पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का मतलब है किसी व्यक्ति या कंपनी के इन्वेस्टमेंट को शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड में या किसी अन्य साधनों में सोच-समझकर लगाना, ताकि जोखिम कम हो और मुनाफा ज्यादा मिले। सरकार टैक्स लाभ के लिए म्यूचुअल फंड जैसी योजनाएं चलाती है। साथ ही, शेयर बाजार में कई कंपनियां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में निवेशकों की संख्या बढ़ रही है। यहीं से पोर्टफोलियो मैनेजर की भूमिका अहम हो जाती है। वह कंपनियों का विश्लेषण करता है, जोखिम कम करने और मुनाफा बढ़ाने की रणनीति बनाकर क्लाइंट को निवेश की सलाह देता है। यह करियर उन लोगों के लिए एक मजबूत विकल्प है, जिन्हें शेयर बाजार में रुचि और बुनियादी समझ है। कॉमर्स में 12वीं के बाद ग्रेजुएशन और कुछ खास कोर्स करके आप इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। बैंकों, वित्तीय ...
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