नई दिल्ली, मार्च 5 -- सौ दिन पहले जिस संभल ने हिंसा की आग में जलते हुए डर और अनिश्चितता का सामना किया था, आज वही संभल फिर से अपने पुराने गौरव की ओर लौट रहा है। इन सौ दिनों में प्रशासन की सख्ती, समाज की जागरूकता और विकास की नई पहल ने शहर को न केवल स्थिरता दी, बल्कि इसे एक नई पहचान भी दी। विवादित स्थल के सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा ने शहर को अशांत कर दिया था। जिला पुलिस प्रशासन की सूजबूझ से शहर में धीरे-धीरे कर शांति के साथ अपने पुराने ढर्रे पर लौटा बल्कि संभल का प्राचीन वैभव भी लौटने लगा है। संभल की पहचान रहे 68 तीर्थ, 19 कूपों की खोज की कवायद शुरू हुई तो प्रशासन अब तक 41 तीर्थ (मंदिर) और 19 कूप खोजकर उनका कायाकल्प करना शुरू कर दिया। इसमें पांच तीर्थ स्थलों में भद्रकाश्रम, स्वगर्गदीप, चक्रपणि, प्राचीन तीर्थ श्मशान मंदिर शामिल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.