नई दिल्ली, फरवरी 18 -- बच्चे मां-बाप की प्रार्थना सभा में होते हैं, लेकिन मैं अपने ही बेटे की शांति सभा में बैठी हूं, इतना कहते ही द्वारका साउथ इलाके में सड़क हादसे का शिकार हुए 23 वर्षीय साहिल धनेश्वरा की मां इन्ना माकन फूट-फूटकर रोने लगी। तीन फरवरी को द्वारका सेक्टर-11 स्थित लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुए हादसे ने न सिर्फ एक युवा की जान ली, बल्कि एक सिंगल मदर का इकलौता सहारा भी छीन लिया। अपने बेटे साहिल के गर्म कपड़ों को सीने से लगाए इन्ना माकन ने कहा कि सड़क पर दस मिनट तक मेरा लाल तड़पता रहा, लेकिन कोई उसे अस्पताल लेकर नहीं गया। इन्ना माकन का आरोप है कि हादसे के बाद साहिल दस मिनट तक जीवित था। जब मैं मौके पर पहुंची उस समय एंबुलेंस खड़ी थी, पुलिस खड़ी थी, भीड़ थी। लेकिन मेरे बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने की तत्परता किसी ने नहीं दि...