नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- केरल की एक अदालत ने 10 मिलीलीटर शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार और सात दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए एक व्यक्ति को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाएं सिर्फ एक 'बनाना रिपब्लिक' में ही हो सकती हैं, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में नहीं। मंजेरी सत्र अदालत के जज के. सानिलकुमार ने मामले के जांच अधिकारी (आईओ) की उनके 'अत्यधिक और संदिग्ध' उत्साह के लिए भी आलोचना की। अदालत ने कहा कि उसे आरोपी, जो संभवतः समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्ग से है, को एक गंभीर अपराध में 'उलझाने' के पीछे आईओ के असली इरादों पर संदेह है। मामले के तथ्यों से यह स्पष्ट है कि जांच अधिकारी ने अपनी सीमाएं पार कीं और आपराधिक कानून को लागू करने और इस प्रक्रिया में आरोपी को हिरासत में लेने के लिए अत्यधिक और संदिग्ध दोनों तरह का उत्साह दि...