अमरोहा, दिसम्बर 31 -- हसनपुर, संवाददाता। तहसील क्षेत्र के गांव ढक्का में बाबा बंदगी शाह रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर सोमवार रात ऑल इंडिया मुशायरे में मशहूर शायरों ने कलाम पेश किए। अशआर के जरिए बाबा की शान में कसीदे पढ़ गए। समाजसेवी एवं रालोद नेता विशाल चौधरी द्वारा शमा रोशन करने के संग मुशायरे का आगाज हुआ। मुशायरे में अल्ताफ जिया ने कुछ यूं कहा..."आना तो था मुझे मगर आना नहीं हुआ, ये तो जनाब कोई बहाना नहीं हुआ। असद अशरफ के इस शेर पर खूब दाद मिली..."हमने चाहा न मोहब्बत का तमाशा वरना, तू सरे बज्म नहीं शहर में रुसवा होता। व्यवस्था पर चोट करते हुए खुर्शीद हैदर ने पढ़ा..."अपने हिन्दुस्तान को देखो शहरों के बाजारों में, भूखे बच्चे पत्ते चाटें, कुत्ते घूमें कारों में।" इकरा नूर ने पढ़ा कि..."तेरे बगैर ये हालत है क्या किया जाए, बुझी-बुझी सी तबियत है ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.