हमीरपुर, फरवरी 15 -- भरुआ सुमेरपुर, संवाददाता। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में महाशिवरात्रि पर काव्य गोष्ठी संपन्न हुई। इस मौके पर कवियों ने अपनी रचनाओं से भगवान शिव की महिमा का बखान कर खूब वाहवाही बटोरी। भगवान शिव एवं देवी सरस्वती पूजन के पश्चात कार्यक्रम के संयोजक हरीराम गुप्त निरपेक्ष ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने पढ़ा- 'मंगल मूरत शिव त्रिपुरारी, नाम जपे रघुवीर मुरारी। वाम उमा छवि छाजत ऐसे, सावन में घन विद्युत जैसे।' कवि रेवती कुमार पाठक ने जालंधर वध पर कविता पढ़ी। कवि नारायण प्रसाद रसिक ने पढ़ा- 'सरिता की धारा में पत्थर ठोकरें खाते है, जो डरे नहीं थपेड़ों से शंकर वही बन पाते हैं।' अध्यक्षता कर रहे मुन्नीलाल अवस्थी ने पढ़ा- 'अर्चना मा दीप बुझ कर साधना पूरी हुई यदि, तो भगवान के मिलन का उत्साह सारा व्यर्थ है।' संचालक कैलाश...