मेरठ, जनवरी 22 -- मेरठ, मुख्य संवाददाता गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती की पूर्व संध्या पर पीएल शर्मा स्मारक सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन में संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मंच पर ही फफक-फफक कर रोने लगे। वे अपने संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हो गए। भावुक होते हुए कहा कि जब वे लखनऊ आए थे तो कड़ाके की ठंड में उनके पास पहनने के लिए जूते तक नहीं थे। खुद को गरीबों का सेवक बताते हुए उन्होंने कहा कि वे गरीबी का दर्द अच्छी तरह समझते हैं क्योंकि उन्होंने इसे खुद जिया है। उन्होंने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने बेहद अभाव और गरीबी का सामना किया है। अपनी शुरुआती दिनों को याद करते हुए वे इतने भावुक हो गए कि कुछ पल के लिए उनके शब्द रुक गए और आंखों से आंसू बहने लगे।
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