कानपुर, नवम्बर 27 -- एसआईआर प्रपत्र के कार्य में लगे बीएलओ को दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है। घर-घर दस्तक देते समय अधिकतर मतदाता कागज लेकर मतदान बूथ स्कूल पहंुच जाते है। बीएलओ के मतदान बूथ पहंुचने पर घरों से बुलावा आने लगते है। घर पहंुचने पर महिलाएं देहरी से झांक कर ही आज घर में पुरुष नहीं है,कल तुम घर आने की सलाह देकर बीएलओ को टरका देती है। एसआईआर प्रपत्र के कार्य में लगे बीएलओ पूरे दिन घर-घर से मतदान बूथ तक कई चक्कर काट कर कागजी कोरम पूरा कर रहे है। सबसे अधिक मुसीबत ग्रामीण क्षेत्र के बीएलओ के सामने है। गांवों में बीएलओ को फोटो मिल रही तो कागज नहीं देने से एसआईआर प्रपत्र पूर्ण नहीं हो पा रहे है। अधिकांश बीएलओ के हिस्से में एक हजार से बारह सौं मतदाताओं के एसआईआर प्रपत्र तैयार करने का जिम्मा है। कस्बे से सटे गांवों में तो मतदाता घंटे ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.