नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- शिक्षा का अधिकार (RTE) मामले में दायर जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शिक्षा सचिव की अनुपस्थिति पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट चेतावनी दी कि 'हाई कोर्ट को मजाक में न लें।' चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सख्त लहजे में कहा कि अगली सुनवाई में सचिव स्वयं उपस्थित होकर शपथपत्र के जरिए बताएं कि गड़बड़ी करने वालों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। योजना के पात्र हितग्राहियों की आखिर अनदेखी क्यों हो रही है। नियम शर्तों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। हाईकोर्ट में इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 17 अक्टूबर तय की गई है। हाईकोर्ट कोर्ट ने राज्य शासन से यह भी पूछा कि गरीब बच्चों का हक मारकर आर्थिक रूप से सक्षम घरों के बच्चों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला दिलाया गय...
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