देहरादून, अक्टूबर 3 -- पत्रकार राजीव प्रताप की मौत के मामले में पुलिस ने गुरुवार शाम को अपनी विवेचना की अहम जानकारी देते हुए बताया कि उनकी मौत हत्या नहीं, बल्कि ये एक सड़क हादसा थी। गुरुवार शाम को पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक पंवार ने पत्रकारों को जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही सीसीटीवी कैमरे खंगालने और उनके करीबियों से पूछताछ के बाद पुलिस प्रथमदृष्टया इस नतीजे पर पहुंची है कि ये एक महज सड़क हादसा था। हालांकि, पुलिस स्पष्ट रूप से मामले के खुलासे को अभी और भी पहलुओं की विवेचना में जुटी है। 18 सितंबर को शाम सात बजे राजीव और उनके साथ कैमरा मैन का काम करने वाला मनबीर पुलिस लाइन में नियुक्त मुख्य आरक्षी सोबन से मिलने गए थे। सोबन सिंह और राजीव का पार्टी करने का प्लान बना। तीनों गाड़ी लेकर खाने...
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