प्रयागराज, दिसम्बर 2 -- प्रयागराज। नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय में भूगोल, दर्शन एवं योग, सामाजिक शास्त्र तथा शिक्षक शिक्षा विभागों की ओर से 'अग्निहोत्र एवं होमा उपचार के आध्यात्मिक, सामाजिक व पर्यावरणीय आयाम' विषय पर सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय सिंपोजियम हाइब्रिड माध्यम से आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जर्मन होम विशेषज्ञ डॉ. उलरिच बर्क ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब लोग स्वयं संकल्प लें। उन्होंने हवन के पात्र तक के पर्यावरणीय प्रभाव का उल्लेख किया। कुलपति प्रो. रोहित रमेश, संस्थापक कुलाधिपति जेएन मिश्र आदि ने हवन की वैज्ञानिक उपयोगिता एवं पर्यावरणीय महत्व पर विचार रखे। कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन भी हुआ।
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