प्रयागराज, फरवरी 9 -- मनोविज्ञानशाला में सोमवार को 'विद्यालयी शिक्षा में निर्देशन एवं परामर्श' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में स्कूली बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, शैक्षणिक तनाव, नशीले पदार्थों के सेवन, व्यवहार संबंधी कठिनाइयों, सामाजिक कौशल की कमी, साथियों के दबाव तथा आत्मघाती प्रवृत्तियों से जुड़ी बढ़ती चिंताओं ने शैक्षणिक संस्थानों में मार्गदर्शन और परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करने की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया है। उन्होंने साफ किया कि निर्देशन केवल वर्तमान के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो न केवल विद्यार्थी से जुड़ी होती है, बल्कि शिक्षक, अभिभावक तथा संपूर्ण शिक्षा जगत की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।...
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