नई दिल्ली, जनवरी 21 -- सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बिल्डर माफिया और नौकरशाहों के बीच मिलीभगत के परिणामस्वरूप चंडीगढ़ की प्रतिष्ठित झील के सूखने पर चिंता जताई। सीजेआई ने बुधवार को टिप्पणी की कि 'सुखना झील को और कितना सुखाओगे'। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ 1995 में लंबित जनहित याचिका 'इन रे: टीएन गोदावर्मन थिरुमुलपाद' में दायर अंतरिम आवेदनों की सुनवाई कर रही थी। सीजेआई सूर्यकांत ने एक अधिवक्ता द्वारा झील से संबंधित याचिका का उल्लेख करने पर मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पंजाब में राजनीतिक दलों के समर्थन और नौकरशाहों की मिलीभगत से अवैध निर्माण हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप झील पूरी तरह से नष्ट हो रही है। वहां सभी बिल्डर माफिया सक्रिय हैं। इससे पहले ...