नई दिल्ली, जून 2 -- चेन्नई की महिला अदालत ने यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ज्ञानशेखरन को न्यूनतम 30 साल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पिछले साल दिसंबर में अन्ना विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा के साथ बलात्कार हुआ था। न्यायाधीश एम. राजलक्ष्मी ने 28 मई को ज्ञानशेखरन को मामले में दोषी ठहराया था। उन्होंने अभियोजन पक्ष की ओर से उसके खिलाफ साबित किए गए प्रत्येक 11 आरोपों के संबंध में सजा सुनाई। उन्होंने कहा कि सजाएं एक साथ चलेंगी। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के साथ आरोपी व्यक्ति के कथित संबंधों को लेकर तमिलनाडु में इस सनसनीखेज मामले के कारण राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। हालांकि, पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा था कि ज्ञानशेखरन द्रमुक का सदस्य नहीं था, वह केवल पार्टी के प्रति झुकाव रखता था और इसका समर्थक था। यह भी पढ...
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