झांसी, जनवरी 31 -- ग्राम पंचायत घाटकोटरा स्थित गता मंदिर सरकार परिसर में चल रही भागवत कथा में कुलदीप मिश्रा ने भगवान की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए समर्पित भक्ति ही ईश्वर प्राप्ति का सच्चा साधन है। ्र बोले, अहंकारयुक्त भक्ति केवल चमत्कारों और सिद्धियों तक सीमित रह जाती है। जबकि सच्ची भगवान अनुभूति और भगवत प्राप्ति के लिए विनम्र एवं समर्पित भक्ति अनिवार्य है। भक्ति में अहंकार का प्रवेश साधक को उसके लक्ष्य से भटका देता है। चमत्कार और सिद्धियां भले ही मन को आकर्षित करें, लेकिन वे आत्मिक शांति और ईश्वर साक्षात्कार का मार्ग नहीं हैं। इसके विपरीत, निष्काम, विनम्र और पूर्ण समर्पण से की गई भक्ति ही साधक को परम सत्य तक पहुंचाती है। धार्मिक व आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे संदेश वर्तमान...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.