लखनऊ, फरवरी 4 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता अनुसंधान हमारे ज्ञान का एक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक अध्ययन है। इसमें सटीकता, विश्वसनीयता और वैधता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन्हीं के आधार पर किसी भी शोध को पूर्ण एवं सार्थक माना जाता है। अनुसंधान का विषय प्रासंगिक और उद्देश्यपूर्ण हो। शोध अकादमिक सीमाओं के साथ ही समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान में सहायक होना चाहिए। ये बातें बीबीएयू की कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने विवि में बुधवार को शुरू हुए तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला में कहीं। प्रो. मिश्रा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नवाचार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को ध्यान में रखते हुए शोध कार्य करें। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज की पूर्व कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने कहा समाज में शोध, शिक्षा एवं किसी भी ...
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