रुद्रपुर, फरवरी 16 -- पंतनगर, संवाददाता। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जैव प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान से देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर है। यह बात उत्तराखण्ड जैव प्रौद्योगिकी परिषद (बायोटेक), पंतनगर के 23वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने कही। सोमवार को बायोटेक पंतनगर में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ. चौहान ने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में जैव प्रौद्योगिकी का दायरा निरंतर विस्तृत हो रहा है। मुख्य अतिथि डॉ. बीएस बिष्ट ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी कृषि उत्पादन बढ़ाने, रोगों की रोकथाम और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.