वाराणसी, सितम्बर 8 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। 'वर्णिकाभंग भारतीय एवं विश्व प्रसिद्ध चित्रकारों की कलाकृतियों पर केंद्रित विशिष्ट आलेख-संग्रह है। प्रत्येक निबंध किसी न किसी चित्रकार की सृजन-विशेषता, सौंदर्यबोध और कला-दृष्टि का गहन विश्लेषण करता है। डॉ. गौतम चटर्जी ने इसका लेखन कर अदम्य साहस का परिचय दिया है। ये बातें प्रख्यात चित्रकार डॉ. एस.प्रमाण सिंह ने कहीं। वह चारूपाठ प्रकाशन से प्रकाशित डॉ. गौतम चटर्जी की इस कृति के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि थे। शिवाला स्थित एक होटल में हुए समारोह में उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल कला-जगत से जुड़े शोधार्थियों और शिल्प-रसिकों के लिए ही नहीं, बल्कि सामान्य पाठकों के लिए भी पठनीय और उपयोगी है। काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग एवं राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने कहा कि चित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.