अलीगढ़, दिसम्बर 29 -- n गाजर ने गुलाबी किए किसानों के गाल, n बरला में 'लाल सोना' बनी खुशहाली की नई पहचान बरला, संवाददाता। अलीगढ़ जनपद का बरला क्षेत्र अब सिर्फ पारंपरिक धान और मक्का की खेती के लिए ही नहीं, बल्कि गाजर की बंपर पैदावार के लिए भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। पिछले दो दशकों से, इस क्षेत्र के किसान पारंपरिक फसलों को छोड़कर गाजर की व्यावसायिक खेती को अपना रहे हैं, जिसने न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें एक नई पहचान भी दी है। किसान अब कह रहे हैं कि गाजर की खेती ने सचमुच उनके गालों को गुलाबी कर दिया है। पैदावार और रकबा: पूरे बरला क्षेत्र में हर साल 2000 बीघा से भी अधिक जमीन पर गाजर की खेती की जाती है। इतनी बड़ी मात्रा में गाजर का उत्पादन इसे क्षेत्र की मुख्य नकदी फसल बनाता है। 20 साल पुरानी है गाजर क्रांति की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.