वाराणसी, नवम्बर 16 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। कला प्रकाश और अविरल गंगा की तरफ से रविवार शाम शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम 'राग-रंग' सामने घाट स्थित एक सभागार में हुआ। कोलकाता के युवा शास्त्रीय गायक देवार्घ्य रॉय ने श्रोताओं को आनंदित किया। दिवंगत उस्ताद राशिद खान के शिष्य देवार्घ्य ने राग भीमपलासी के साथ प्रस्तुतियों की शुरुआत की। विलम्बित एक ताल में 'अब तो बड़ी बेर भई' के बाद तीन ताल में 'जा जा रे अपने मंदिरवा' बंदिश सुनाई। इसके बाद राग मारवा में मध्य लय तीन ताल की रचना 'एरी कैसे जाऊं मैं' के बाद राग देश में ठुमरी सुनाकर भाव विभोर कर दिया। राग भैरवी में भजन से समापन किया। तबले पर कृष्णेंदु पॉल, हारमोनियम पर हर्षित उपाध्याय ने संगत की। कार्यक्रम में नगर के प्रतिष्ठित सितार वादक पं. रवींद्र नारायण गोस्वामी का उनके जन्मदिवस पर अशोक कपूर ए...