हमीरपुर, जनवरी 29 -- हमीरपुर, संवाददाता। गिरधारी ने अपनी डायरी में तीन पेज का सुसाइड लेटर लिखा था। जिसमें उसने प्लाट पर कब्जे की इस लड़ाई को अपनी मां के सम्मान से जोड़ते हुए लिखा था कि- मैं लालू (पारिवारिक चाचा) से पूछना चाहता हूं तुम्हें दो फुट जगह बढ़ाकर दीवार उठाने में क्या मिल गया, मैंने अपना जीवन तुम्हारे पीछे खराब कर दिया। गांव भी छोड़ दिया। फुट दो फुट में मेरा कुछ बिगड़ नहीं रहा था, लेकिन मेरी मां का सम्मान जुड़ा था। मैं चाहता तो तुम्हारी हत्या भी कर सकता था, ये बात तुम भी जानते हो और गांव, क्षेत्र, समाज भी जानता है, लेकिन तुमको मारकर मैंने अपने जीवन में कभी सम्मान से समझौता नहीं किया, तुमको मारकर समाज में यश नहीं मिलता, तुमने दूसरे के बहकावे में एक भी बार नहीं सोचा, तुम प्यार से कहते मैं पूरी जगह छोड़ देता, तुमने मरने पर मजबूर कर दिया, प...
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