बलिया, अगस्त 1 -- बलिया, संवाददाता। बलिया हिन्दी प्रचारिणी सभा के चलता पुस्तकालय सभागार में गुरुवार को गोस्वामी तुलसीदास और मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का प्रारम्भ वाणी वंदना से शिवजी पाण्डेय 'रसराज' ने किया। तबले पर संगत सुधांशु पाण्डेय ने की । वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय ने कहा कि तुलसी और प्रेमचंद दोनों ही अपने समय के साहित्य के युग-प्रवर्तक रूप में गिने जाते हैं। 'सियाराम मय सब जग जानी तुलसी का संदेश मानवतावाद का प्रतीक है तो प्रेमचंद का पूरा साहित्य आदर्शोन्मुख यथार्थ बाद की भित्ति है। 'मानस का प्रत्येक छन्द महामंत्र है तो 'गोदान ग्रामीण जीवन का गद्यात्मक महाकाव्य है। अशोक ने कहा राजतंत्र का रामराज्य लोकतंत्र से बेहतर था। डॉ. रसराज ने कहा कि तुलसीदास ने पिछड़ों और वंचितों को दिशा देने का काम किया। जबकि प्रेमचंद ने...
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