मोतिहारी, फरवरी 7 -- रक्सौल। स्थानीय एयरपोर्ट परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रसिद्ध कथावाचक अनिरूद्धाचार्य महाराज ने महाभारत के विभिन्न प्रसंगों पर सारगर्भित प्रवचन दिया। अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि महाभारत केवल एक युद्ध की कथा नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को दिशा देने वाला धर्मग्रंथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाभारत हमें यह सिखाती है कि जब मनुष्य धर्म के मार्ग से हटता है, तब विनाश निश्चित हो जाता है। महाराज ने पांडवों और कौरवों के चरित्र का उदाहरण देते हुए बताया कि सत्य, संयम और धैर्य के मार्ग पर चलने वाले पांडवों को अनेक कष्टों के बावजूद अंततः विजय प्राप्त हुई, जबकि अहंकार, ईर्ष्या से ग्रस्त कौरवों का विनाश हुआ। मानव को फल की चिंता छोड़ सत्कर्म करना चाहिए।

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